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Sports News: संजू सैमसन को हटाकर वैभव सूर्यवंशी को खिलाना था मुश्किल फैसला, गौतम गंभीर बोले- पूरी रात नहीं सो सका

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | गौतम गंभीर ने संजू सैमसन को हटाकर वैभव सूर्यवंशी को मौका देने के फैसले पर खुलकर बात की। उन्होंने इसे बेहद मुश्किल फैसला बताया।

नई दिल्ली, 24 सितंबर 2026 को भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने संजू सैमसन की जगह वैभव सूर्यवंशी को टी-20 टीम में मौका देने के फैसले पर खुलकर अपनी बात रखी। गंभीर ने माना कि यह निर्णय उनके लिए बिल्कुल आसान नहीं था। उन्होंने बताया कि इस फैसले के बाद वह पूरी रात सो नहीं सके।

मामला इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई पांच मैचों की टी-20 इंटरनेशनल सीरीज से जुड़ा है। सीरीज के शुरुआती मुकाबले के बाद भारतीय टीम में बदलाव किया गया और संजू सैमसन की जगह युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को मौका मिला। इसी दौरान वैभव ने अपना टी-20 इंटरनेशनल डेब्यू किया।

गंभीर के मुताबिक उस समय वैभव शानदार फॉर्म में चल रहे थे और भारतीय टीम के सामने सीरीज जीतने का लक्ष्य था। टीम प्रबंधन को टॉप ऑर्डर में रन बनाने वाले बल्लेबाज की जरूरत थी। इसी वजह से सैमसन की जगह वैभव को आजमाने का फैसला लिया गया।

सैमसन को बाहर करना आसान नहीं था

गौतम गंभीर ने कहा कि संजू सैमसन को टीम से बाहर करना उनके लिए कठिन फैसला था। सैमसन इससे पहले भारत की टी-20 विश्व कप जीत में शानदार प्रदर्शन कर चुके थे और उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट भी चुना गया था।

ऐसे खिलाड़ी को कुछ मुकाबलों के बाद बाहर करने का फैसला आसान नहीं होता। गंभीर ने बताया कि एक तरफ सैमसन का अनुभव और पिछला प्रदर्शन था, जबकि दूसरी ओर वैभव सूर्यवंशी शानदार फॉर्म में थे।

गंभीर के अनुसार जब कोई भारत के लिए खेलता है या भारतीय टीम की कोचिंग करता है तो हर सीरीज जीतने की कोशिश रहती है। इसी सोच के साथ टीम संयोजन को ध्यान में रखते हुए वैभव को मौका दिया गया।

संजू से गंभीर ने खुद की थी बातचीत

गौतम गंभीर ने बताया कि फैसला लेने से पहले उन्होंने संजू सैमसन से सीधे और ईमानदारी से बातचीत की थी। उन्होंने सैमसन को समझाया कि वैभव उस समय अच्छी फॉर्म में हैं और टीम को टॉप ऑर्डर में रन बनाने वाले खिलाड़ी की जरूरत है।

गंभीर ने यह भी कहा कि यह बातचीत केवल उनके और संजू सैमसन के बीच हुई थी। उनके मुताबिक सैमसन ने फैसले को समझा और उसे अच्छे तरीके से लिया।

वैभव के डेब्यू मैच में भारत को मिली हार

संजू सैमसन की जगह वैभव सूर्यवंशी को मौका देने के बाद युवा बल्लेबाज ने टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया। हालांकि उनके डेब्यू वाले मुकाबले में भारतीय टीम को जीत नहीं मिली।

इसके बाद भी टीम प्रबंधन ने उस समय वैभव की फॉर्म और टीम की जरूरत को देखते हुए अपने फैसले पर भरोसा रखा। इंग्लैंड के खिलाफ पूरी सीरीज में भारतीय टीम को मुश्किलों का सामना करना पड़ा और सीरीज भारत के पक्ष में नहीं रही।

अफगानिस्तान सीरीज में सैमसन की वापसी

इसके बाद भारतीय टीम ने अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू मैदान पर तीन मैचों की टी-20 सीरीज खेली। इस सीरीज में संजू सैमसन की टीम में वापसी हुई, जबकि वैभव सूर्यवंशी को बाहर रखा गया।

वापसी के बाद सैमसन ने शानदार बल्लेबाजी की और लगातार दो अर्धशतक लगाए। भारत ने अफगानिस्तान के खिलाफ तीनों मुकाबले जीतकर सीरीज 3-0 से अपने नाम की।

गंभीर बोले- अच्छे खिलाड़ियों को भी करना पड़ता है इंतजार

गौतम गंभीर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कई बार ऐसा होता है कि अच्छी फॉर्म में चल रहे खिलाड़ी को भी अपने अवसर का इंतजार करना पड़ता है। किसी खिलाड़ी का प्लेइंग इलेवन से बाहर होना हमेशा उसके प्रदर्शन को खराब मानने का संकेत नहीं होता।

टीम संयोजन, विपक्षी टीम, मैच की परिस्थितियां और उस समय टीम की जरूरत जैसे कई पहलुओं को ध्यान में रखकर अंतिम एकादश का चयन किया जाता है।

प्लेइंग इलेवन सोशल मीडिया से तय नहीं होती

गंभीर ने यह भी स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया या बाहरी चर्चाओं के आधार पर भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन तय नहीं होती। उनके मुताबिक मैच जीतने के लिए ड्रेसिंग रूम में कप्तान और कोच जिस संयोजन को बेहतर मानते हैं, उसी के आधार पर टीम चुनी जाती है।

उन्होंने कहा कि बाहर चल रही चर्चाओं और सोशल मीडिया के शोर का प्लेइंग इलेवन के चयन पर असर नहीं होना चाहिए। टीम प्रबंधन का फैसला मैच की जरूरत और टीम संयोजन के आधार पर होता है।

संजू सैमसन और वैभव सूर्यवंशी का मामला इसी चयन प्रक्रिया का उदाहरण है। एक तरफ अनुभवी और पहले से अच्छा प्रदर्शन कर चुके सैमसन थे, तो दूसरी तरफ युवा वैभव अपनी फॉर्म के साथ टीम प्रबंधन के सामने विकल्प बने हुए थे।

संपादकीय: टीम चयन में प्रदर्शन और संयोजन दोनों महत्वपूर्ण

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में प्लेइंग इलेवन का चयन केवल किसी एक खिलाड़ी के पिछले प्रदर्शन पर निर्भर नहीं करता। टीम की जरूरत, मौजूदा फॉर्म, बल्लेबाजी क्रम और विपक्षी टीम के हिसाब से भी बदलाव किए जाते हैं। संजू सैमसन और वैभव सूर्यवंशी के मामले में अलग-अलग समय पर टीम की जरूरत के अनुसार फैसले लिए गए। इसलिए किसी चयन फैसले को समझने के लिए उस समय की परिस्थितियों और टीम संयोजन को भी देखना जरूरी है।

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